श्री मान जी,अरावली में रोड के दोनों तरफ पेड़ों की कटाई देखकर दुःख हुआ, शिकायत करने पर पता चला की वन विभाग द्वारा रोड के दोनों तरफ 1-1 किलोमीटर तक पेड़ों की सफाई की जा रही है ताकि यहाँ विदेशी सजावटी पेड़ लगाए जा सकें. और यहाँ गेटवे ऑफ़ अरावली बनाया जाएगा. अरावली में सरकार और विभाग द्वारा प्रगति का काम किये जाने पर ख़ुशी हुयी लेकिन विदेशी पेड़ लगाने के विचार पर मैं जितेंदर भड़ाना, पर्यावरण कार्यकर्ता, सेव अरावली ट्रस्ट की और से आपत्ति दर्ज कराना चाहूँगा-

आप जिस कीकर के पेड़ों को आज दानवीय पेड़ करार दे रहे हैं वो एक विदेशी पेड़ है, आप इसको भी पिछले साल तक बहुत प्यार करते थे लेकिन इस साल अरावली में बिल्डर्स का काम आसन करने के लिए आपने रातों रात इस दानवीय बना दिया और अब काटने में लगे हैं. मुझे स्पष्ट दिखाई दे रहा है की नॉन नेटिव प्लांट्स चाहे कोई भी हों, कीकर की तरह ही फ़ैल जायेंगे और बायो डाइवर्सिटी को उतना ही नुक्सान करेंगे जितना की कीकर. अर्थात यहाँ सभी नेटिव पेड़ों को खतम कर देंगे. क्या आप दो साल बाद उनको भी दानवीय पेड़ करार देकर अरावली में से सभी दानवीय पेड़ों को कटवा कर इस बिल्डर्स के लिए साफ़ करने की योजना बना रहे हैं?

वन विभाग और फरीदाबाद प्रशासन ने 2015 में सरकार और जनता के करोड़ों रूपये लगाकर शहर में दुबई की तर्ज पर खजूर की खेती शुरू करवाई थी. आपके ज्ञान के लिए बता दूं की करोड़ों के खर्चे से लगे विदेशी 90% पेड़ मर चुके हैं. आपको ये बात अच्छी तरह मालूम है. इसके बावजूद भी आप दोबारा सरकार और जनता के पैसे को गवाने की तयारी में हैं.

अरावली का ये हिस्सा पुराना जंगल है. यहाँ के जीव जंतु केवल नेटिव अर्थात देशी पेड़ पौधों के ऊपर ही निर्भर हैं, आप ये सब जानते हुए भी इस जंगल में एक्सोटिक प्लांट्स लगा कर बायो डाइवर्सिटी के लिए बहुत बड़ा ख़तरा पैदा कर रहे हैं क्या ये ठीक रहेगा?

इस फोटो को देखें, ये कीकर नही बल्कि एक देशी पेड़ है जो की बहुत ही सुंदर है. इस तरह के सभी बड़े पेड़ों की कटाई से दिखाई पड़ता है की विभाग केवल नए प्रोजेक्ट को बनाने के लिए काम कर रहा है, अरावली को संजोने की नीयत से नहीं. “बूढा मरे जवान, हमको ह्त्या से काम” की भावना से काम करना अरावली के लिए कदापि ठीक नहीं रहेगा.

पिछले साल विभाग द्वारा इसी तर्ज पर इसी रोड पर करीब 2500 पेड़ लगाए गये. कुछ दिन बाद वो पौधे सूखते दिखाई दिए. पूछने पर अफसरों ने बताया की विभाग के पास इतना स्टाफ और बजट नहीं मिल पा रहा जिससे की इनमे पानी दिया जा सके. सेव अरावली ट्रस्ट ने पेड़ों को सूखते देख जनता से सौ सौ रूपये मांग मांग कर, इन पौधों में हर सप्ताह पानी दिलवाया. हमारे बहुत पैसे और वालंटियर इस काम में लगे और उन पौधों को पाला. क्या वन विभाग के पास अब इतना धन और इतने लोग हैं की वो अंग्रेजी पौधों को खिला पिला कर पाल सकें और उनकी देखभाल कर सकें?

अरावली में आये दिन नया कब्ज़ा हो जाता है, धडाधड पेड़ कटते हैं. पुलिस और वन विभाग को सूचना देते हैं तो पता चलता है की विभाग में लोग ही नहीं जो पेड़ों की कटाई रोक सकें. अगर जैसे तैसे दो चार अफसर हैं भी तो उनके पास अपराधियों के चालन करने तक की पॉवर नहीं होती. पुलिस वाले तो कोई एक्शन लेते ही नहीं. क्या विभाग ने नयी भर्तियाँ की हैं गेटवे ऑफ़ अरावली के लिए ? क्या उनको पूरे अधिकार हैं पेड़ों की कटाई तक रोक पाने के या हम “डंडे सोटे से चीन पर कब्ज़ा” करने की प्लानिंग बना रहे हैं?

आपके किस वैज्ञानिक ने आपको ज्ञान दिया है की विदेशी पेड़ लगाने से ही ‘गेटवे ऑफ़ अरावली’ बन सकता है  देशी सम्पदा से नहीं. मुझे इस नीति में केवल पैसा कमाने की बू आ रही है.

श्री मान जी, हम फरीदाबाद और गुडगाँव के करीब 350 नौकरी पेशों वाले लोग हैं जो भिन्न भिन्न प्रकार के लोगों और संस्थाओं के द्वारा अरावली के साथ हो रहे बलात्कार (जबरदस्ती) को देख कर दुखी हैं इसकी महत्वता को ध्यान में रखते हुए, कानून का सहारा लेकर इस सम्पदा को बचाने और इसे और भी हरा भरा बनाने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं. हमें आपका ये प्रयोग बिलकुल नहीं जचा. आप तो सरकारी विभाग हैं, बड़े बड़े विशेषज्ञ हैं आपके पास तो… आपको नहीं लगता की अरावली में केवल देशी पेड़ लगाने चाहियें और यहाँ छोटे छोटे हिस्से में बहुत सारे जंगल बनाए जाने चाहियें ताकि यहाँ जैव विविधता बने और अरावली सस्टेनेबल बने ना की विदेशी पेड़ों से सड़के सजा कर केवल सरकारी धन खर्च का दुरूपयोग किया जाए.

 

श्री मान जी, अगर आप यहाँ बायोडायवर्सिटी के लिए यहाँ कोई भी काम करते हैं तो हम आपको पूरा सहयोग देने के लिए वचन बद्ध हैं और अगर आप इस प्रयोग को शुरू करके जान बूझ कर अरावली के नाम पर खेल रहे हैं तो हम कानूनी तौर पर तो आपके खिलाफ होंगे ही होंगे साथ ही सोशल मीडिया और जनसभाएं करके आपकी इस प्लानिंग का पूरा विरोध करेंगे. खबर और जानकारी की पुष्टि के लिए अखबार की कटिंग संलग्न है, कृपया देखें.

 

 


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