दिल्ली एनसीआर की अरावली पर्वतमाला जो कि यहाँ की लाइफलाइन मानी जाती है, आजकल बिल्डरों और माफिया की गिरफ्त में आने के कारण काफी चर्चा में है जिसको ‘सेव अरावली’ और उसकी सहयोगी संस्थायें एवं जागरूक नागरिक मिल कर केंद्र सरकार व कानून के संज्ञान में लाना चाहते हैं। ये इलाका कितना अहमियत रखता है, हम सब के लिए ये जानना बहुत ही जरूरी है। जिससे जुड़े कुछ अहम मुद्दे एवं कानूनी पेंच इस प्रकार हैं-

• अरावली क्षेत्र को अन्ग्रेजो के समय से (सन 1900) में पंजाब भू संरक्षण अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत संरक्षित किया गया है. जिसके मुताबिक इस इलाके में किसी भी प्रकार का गैर वानिकी काम करना कानूनी जुर्म है.

• MC Mehta जी के केस नंबर 4677/1985 में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पूरे इलाके को 18.03.2009 को ‘स्टेट्स को’ में रखा गया है, जिसका मतलब है की अगली सुनवाई तक यहाँ कोई काम नहीं होना चाहिए परन्तु हरयाणा सरकार ने माननीय कोर्ट की अनदेखी करते हुए हाल फिलहाल में भारती सहित कई अमीर ग्रुपों को यहाँ का जंगल साफ़ करके होटल, बिल्डिंग आदि बनाने की परमिशन दे दी है.

• CGWA की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली एनसीआर में केवल अरावली ही है जहाँ से ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता है. रिपोर्ट में इस पूरे क्षेत्र को “Critical Ground Water Recharge Zone” का दर्जा दिया है और कहा गया है की गुडगाँव और फरीदाबाद का जमीनी पानी बहुत तेजी से सूख रहा है अगर अरावली क्षेत्र के साथ कुछ भी छेडछाड हुयी तो यहाँ जीवन संभव नहीं होगा.

• जानकारों के अनुसार किसी राज्य का वन क्षेत्र कम से कम 20% होना ही चाहिए. हरियाणा का कुल वन क्षेत्र 3.59% है. दुर्भाग्य की बात है की ये पूरे देश में केवल पंजाब (3.52%) से ज्यादा है. इस 3.59% का लगभग 60% अरावली है और सरकार बिना कुछ सोचे समझे इसे बेचे जा रही है.

• फरीदाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में चौथे नंबर पर है. यहाँ देश के सबसे ज्यादा सांस के मरीज हैं. और सरकार फिर भी यहाँ के जंगल को धडाधड ख़तम कर रही है. ये सरकार है या जनता के दुश्मन?

• दिल्ली एनसीआर में सुहावने मौसम और बारिश लाने का एकमात्र श्रेय अरावली पर्वत माला का हवा की दिशा के विपरीत होने और यहाँ फैले वनक्षेत्र द्वारा बनायी गयी ‘नमी’ को जाता है लेकिन सभी विभाग इस बात को भूल चुके हैं और राजनैतिक प्रभावों के चलते इसको ख़तम किये जा रहे हैं.

• वैज्ञानिको के अनुसार नेपाल त्रासदी का एकमात्र कारण ज्योग्राफिकल इम्बैलंस रहा था. हमारे दिल्ली एनसीआर में भी शायद यही होने वाला है. पिछले तीस साल यहाँ के पत्थर, बजरी, पानी, रेत आदि को उठा कर दिल्ली गुडगाँव, नॉएडा डाला गया, अब जंगल को ख़तम करके बिल्डिंगें बनायी जा रही हैं.

• हर साल थोड़ी सी सर्दी होते ही दिल्ली एनसीआर स्मोग की गिरफ्त में आ जाता है, लोग हाय हाय चिल्लाते हैं, सरकारें तक गिर जाती हैं जिसका एकमात्र कारण वायु प्रदूषण है. और हमारी सरकार इतनी लापरवाह होती जा रही है की हर साल वन क्षेत्र को ख़तम किये जा रही है.

• दिल्ली एन सी आर का एकमात्र वन क्षेत्र और असोला वाइल्डलाइफ सेंचुरी अब सपना बनती जा रही है. माननीय सुप्रीम कोर्ट के 18/03/2004 के एक अहम् फैलसे में निर्देश दिए गए हैं की असोला सेंचुरी के 5 किलोमीटर के क्षेत्र में किसी भी गैर वानिकी कार्य की इजाजत नहीं होगी. लेकिन हरियाणा सरकार माननीय कोर्ट का कोई भी आदेश नहीं मानती.

• हाल ही में फरीदाबाद प्रसाशन ने बडखल झील को भरने के लिए लगभग 700 करोड़ का बजट बना कर भेजा है परन्तु वास्तव में बडखल झील के सूखने के कारण – कैचमेंट एरिया में बिल्डिंगे बनना और नालों को ख़तम करने के मुद्दे को कोई भी सरकारी विभाग सुनने को तैयार नहीं. जिसको हरियाणा सरकार छुपाती जा रही है.

NCRPB के 2021 रीजनल प्लान के मुताबिक सन 2005 में पूरे अरावली क्षेत्र के जंगल या जंगल जैसे दिखने वाले इलाके को सरकार द्वारा ‘फारेस्ट लैंड’ निर्धारित कर दिया गया था जिसके मुताबिक यहां किसी भी तरह की छेड़छाड़ गैरकानूनी माना जाये। और जहां जंगल नही है वहाँ बनाया जाए। परंतु हरियाणा सरकार के कुछ अफसरों ने इस कानून को आज तक समझने की कोशिश ही नही की।

ये पूरा इलाका NCZ यानी नेशनल कंसर्वेशन जोन के आता है जिसके अनुसार यहाँ जोनिंग का नियम है कि आप किसी भी प्रकार की कंस्ट्रक्शन केवल अपने तय क्षेत्र की 0.5% ही कर सकते हैं। परंतु हरियाणा सरकार के अधिकारियों व नेताओं ने राजनैतिक महत्वाकांक्षा के चलते इस बात को माना ही नही जो कि अब इनको कानून के दायरे में खड़ा कर सकता है।   
सेव अरावली संस्था इस क्षेत्र के संरक्षण एवं विकास के लिए हर सम्भव कदम उठा रही है हमसे जुड़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.SaveAravali.org पर जाएं या लगातार खबरों के लिए फेसबुक/ट्वीटर पर @SaveAravali को लाइक या फ़ॉलो करें।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

News & Updates

Enrollment For Polythene Free Faridabad.

Millions of plastic bags are given out to consumers by supermarkets and stores to carry their goods in. They are also cheap, light, durable, easy to carry and in many cases, free. The most commonly Read more…

News & Updates

Nature Camp and Environment education programme.

Save Aravali team continiously doing there best practices to save environment. This time save aravali team collaborated with government and forest department and authorities in haryana to educate government schools students and faculty. For connecting Read more…

News & Updates

Successfull Aravali Yatra Kot Bani 03/09/2017

Like every month Save Aravali successfully completed the aravali yatra on 3September,2017. The yatra is started in the leadership of Mr. Jitender Bhadhana and team and accompany by other 150 environment enthusiastic. Acp police Mr Read more…