अलख- the community level awareness program 

ALAKH

 

 

‘अरावली यात्रा’ की तर्ज पर अब सेव अरावली की टीम अरावली के गाँव गाँव, कस्बे कस्बे और इसमें बसे श्हरों, कलोनियों में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाएगी. जिसमें जल संरक्षण, पेड़ ना काटने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने, कूढ़ा कचरा प्रबंधन एवं जीव जानवरों की रक्षा पर लोगों को जागृत किया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों को सेव अरावली टीम में जोड़ा जाएगा.

 

कैसे– हर सप्ताह के अंत में शनिवार और इतवार की शाम को सेव अरावली के बारह से पन्द्रह आदमी.

कहाँ– पहले से निर्धारित एक स्थान पर जायेंगे. स्थान का निर्धारण टीम लीडर्स सोशल मीडिया का सहारा लेकर करेंगे.

दर्शक- उस इलाके के सभी निवासी और कम से कम एक नेता, अगर दो तीन नेता आ सकें तो बेह्तर होगा.

प्रचार- हर इवेंट को फेसबुक पेज पर डाला जाएगा और सोशल मीडिया द्वारा सभी सदस्यों द्वारा प्रचारित किया जाएगा.
उपकरण- प्रोजेक्टर, प्रोजेक्टर वाल, स्टैंडी, साउंड सिस्टम, लैपटॉप, चार्जिंग स्टेशन, एक्सटेंशन वायर, पानी की बोतल.

समय- हर शनिवार और रविवार शाम,  अवधि – एक से डेढ़ घंटा

उद्देश्य

  1. लोगों को अपने सरोकारों- जल संरक्षण, पेड़ ना काटने, कूढ़ा कचरा प्रबंधन एवं जीव जानवरों की रक्षा जैसे मुद्दों पर जागृत करना.
  2. आम जनता एवं इलाके के नेताओं को संपर्क में लाना एवं उनका ध्यान पर्यावरण संरक्षण की और ले जाना.
  3. ज्यादा से ज्यादा लोगों को सेव अरावली टीम में जोड़ना.
  4. फण्ड रेजिंग.
  5. लोकल नेताओं, RWA या किसी के भी द्वारा कम से कम एक ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ प्रोजेक्ट बनवाने के लिए तैयार करना.
  6. स्पोंसर और रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाने का वायदा करने वाले नेता को अपना प्रचार करने का पूरा मौका देना.

 

 

क्या करेंगे

  1. टीम लीडर पूरी टीम के काम बांटेगा, तीस के करीब लोग होते ही पांच मिनट की पर्यावरण सम्बंधित संवेदानात्मक वीडियो चलाई जायेगी जिससे की सभी दर्शकों का ध्यान अपनी और हो जाए. वीडियो खत्म होते ही टीम लीडर वीडियो के टॉपिक पर दो मिनट बोलेगा कोशिश होगी की वीडियो में दिखाये गए मुद्दे को दर्शक जिंदगी भर ना भूले.
  2. इसके तुरन्त बाद किसी एक टीम मेंबर द्वारा दर्शकों का ध्यान फरीदाबाद और अरावली पर ले जाया जाएगा. आज से तीस साल पहले की अरावली की और उनके शहर की वर्चुअल पिक्चर दर्शकों के दिमाग में उतारी जायेगी. फिर यहाँ हुए जमीन घेराव, खनन एवं पेड़ों की कताई के बारे में लोगों को बताया जाएगा और ‘सेव अरावली’ के जन्म का कारण बताते हुए की उपलब्धियों को गिनवाया जाएगा. इस दौरान प्रोजेक्टर पर ‘सेव अरावली’ की पिक्चर गैलरी चलती रहेगी.
  3. पांच से दस मिनट बाद टीम लीडर आज के टॉपिक पर बोलना शुरू होगा. क्योंकि अभी हमारा उद्देश्य केवल लोगों को पानी पर सचेत करना हैं इसलिए केवल जल संरक्षण पर दस मिनट का लैक्चर दिया जाएगा. भाषण लम्बा ना हो और topic centric हो.
  4. फण्ड रेजिंग टीम के दो सदस्य अधिक से अधिक लोगों से मिलेंगे और पर्यावरण संरक्षण के लिए मासिक चंदा लेंगे.
  5. वालंटियर टीम के दो लोग वहाँ आये सभी लोगों को वंही फेसबुक पेज लाइक करवायेंगे.

 

स्पोंसर्स

एक एवेंट में हम लगभग सौ लोगों के आने की उम्मीद रखते हैं. इसको करने में हमारी कॉस्ट लगभग 1500 रूपये आती है. कोई भी स्थानीय दुकानदार, कम्पनी या नेता ये कीमत या कम से कम एक हजार रूपये देकर अपने बैनर लगा कर अपना प्रचार कर सकता है साथ ही हम कार्यक्रम के दौरान लगभग पांच बार स्पोंसर का नाम भी लेंगे. हमें ध्यान रखना है की स्पोंसर हमारे सरोकारों के खिलाफ कोई भी कार्य ना करता हो.

 

विशेष

  1. कोई भी राजनैतिक पार्टी गलत नहीं होती, इसलिए हमें किसी भी नेता या दल के खिलाफ कोई शब्द नहीं बोलना है और ना ही अपने कार्यक्रम को राजनैतिक रूप देना है.
  2. अधिक से अधिक डेड़ घंटे में कार्यक्रम समाप्त हो जाए.
  3. कम से कम एक नेता या RWA अपने इलाके में कम से कम एक ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ प्रोजेक्ट बनवाने के लिए तैयार हो.

 

नेता का फायदा

पिछ्ले चुनावी ट्रेंड से पता चलता है की है की आजकल जनता काम को देखती है. जनता में अपनी बैठ बनाने के पुराने तरीके जैसे की बैनेर-पोस्टर-बोर्ड आदि में पैसे खर्च करना, भंडारा आदि करवाना, अनशन या धरना प्रदर्शन करना या चुनावों के समय पैसे बांटना आदि वास्तव में पुराने हो चुके हैं. दिल्ली एन सी आर जैसे शहरों में लोगों के पास इतना समय ही नहीं होता की वो नेताओं का भाषण तक सुनने आये. आज जनता को केवल और केवल काम दिखायी देता है, धरने प्रदर्शन वालों से लोग चिड़ने लगे हैं, पैसे और दारू बांटने वालों को तो जनता ऐन वक्त पर ठेंगा दिखा देती है. पैसे कोई बाँटता है, वोट कोई और ले रहा होता है. लोगों का माइंडसैट पहले से ही बना होता है.

अब आदर्श नेता को चाहिए की वोट लेने के लिए ऐसे काम करे जो दिखायी दे. जिसे जनता नकार ना पाये. जो सारी जनता की भलाई के लिए हो और जिसके परीणाम लम्बे समय तक आयें.

दिल्ली एन सी आर की जनता की सबसे बड़ी समस्या है पानी. समय पर पानी नहीं मिलना और बारिश में पानी से हजार दुःख पैदा होना. अभी तक हमने जहाँ भी हार्वेस्टिंग पिट बनाये हैं उनमें ये फैक्ट निकल कर आया है की इन दोनों समस्याओं का समाधान है रेन वाटर हार्वेस्टिंग करना. जिस भी नेता ने ये करवाया है उसने घर बैठे वाह्वाही लूटी है. जनता को बताना ही नहीं पड़ा की इससे क्या फायदे होंगे. उनको चुनावों में कोई खर्च करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.