ये है सूरज कुंड का असली चेहरा.

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चलो जी आज आपको सैर कराते हैं विदेशों तक मशहूर, फरीदाबाद की शान सूरजकुंड की।

जी हाँ, वही सूरजकुण्ड जहाँ मेला लगता है। पूरी दुनिया आती है। पूरे पंद्रह दिन चलता है। बड़ी बड़ी पार्टियां होती हैं यहाँ। विश्व स्तर के होटल हैं यहाँ। मोदी जी की पसंदीदा जगहों में से एक है ये जगह। देश का लगभग हर नेता आया होगा यहाँ. बस पार्टी करके निकल लेते हैं.

सब सूरजकुंड आते हैं। राजा अनंगपाल के बनाये इस ऐतिहासिक स्मारक को देखने।

परन्तु ये है असली सूरजकुंड. 15 अक्टूबर 2016 की तस्वीर –

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खुजली वाले कुत्ते, जिसको बाकी कुत्तों ने मारा पीटा हो, की सी हालत है असली सूरजकुंड की. और इसके जिम्मेदार हैं – नेता और अफसर. खूब लूटा है बेचारे सूरजकुंड को. अभी भी इसी के नाम पर पैसे कमा रहे हैं.  शायद आप ये भी जानना चाहेंगे की ये हुआ कैसे?
अगर किसी नेता या अफसर से इसके बारे में बात की जाए तो उनका एक ही जवाब होगा- बारिश ही कहाँ होती हैं जी आज कल. कहाँ से भरे सूरजकुंड?

लेकिन सच्चाई कुछ और ही है. चलो हम ही बता देते हैं-
– यहाँ के आस पास की जमीन (सरकारी जमीन भी) नेताओं और अफसरों ने मिल बाँट कर बेच दी है.
– सूरज कुंड के कैचमेंट एरिया (जहां से इसमें पानी आता है) में कच्ची कलोनियाँ बसा दी गयी हैं. नेता लोग उन कलोनियों में वोट कमाने के लिए आये दिन नारियल फोड़ने जाते रह्ते हैं.
– इसके चारों और आस पास के नालों को इकसार करवा कर बड़े बड़े लोगों ने फार्म हाउस बना दिए हैं. मजेदार बात ये है की कागजों और सरकारी दस्तावेजों में लगभग पूरा इलाका पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट 1900 की सेक्शन 4 एवं 5 के तहत सुरक्षित है और यहाँ आना जाना तक मना है.
– बड़े बड़े नेताओं ने इसके चारों तरफ ट्यूबवैल लगा दिए हैं जिनसे पानी निकाल कर कच्ची कलोनियों में बेचा जा रहा है, बोतलों में भर भर के पूरे देश में सपलायी की जा रही है.

आपको एक अहम् बात और बता देते हैं की इस बार दिल्ली NCR में उम्मीद से ज्यादा बारिश हुयी है लेकिन सूरजकुंड में केवल यही पानी भरा है. जो आपको इस तस्वीर में दिख रहा है. ज्यादा ना कहा जाए तो- अगर यहाँ बादल भी फट जाए तो भी इतना ही पानी भरेगा इस में. क्योंकि नेताओं और अफसरों ने यहाँ जो विज्ञान लगाया है वो ये कह्ता है की जितना भी पानी बरसेगा वो ऑटोमेटिकली रुपयों में कन्वर्ट होकर इनकी जेबों में आ जायेगा.

हँसेंगे आप. कुछ को दुःख भी होगा. कुछ कहेंगे की सेव अरावली नेगेटीव चीजों को प्रेजेंट कर रही है. परन्तु हमें इससे कोई दुःख नहीं होगा क्योंकि हमारी इस पोस्ट से उन्ही लोगों को दुःख होगा जो इसके नाम पर नौकरियाँ कर रहे हैं, जमीने बेच रहे हैं, बिल्डिंगें बेच रहे हैं, होटल चला रहे हैं, नेतागीरी कर रहे हैं.

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  1. October 16, 2016, 3:18 am
  2. October 16, 2016, 3:26 am
    1. October 16, 2016, 5:02 am
  3. October 16, 2016, 3:27 pm
  4. October 17, 2016, 4:10 am
  5. October 17, 2016, 6:39 am